वाराणसी, अगस्त 26 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। काशी पुराधिपति बाबा विश्वनाथ चंद्रमौलीश्वर स्वरूप में मंगलवार को परिवार के साथ ससुराल पहुंचे। चंद्रमौलीश्वर के अलौकिक स्वरूप में सुसज्जित पालकी पर विराजमान महादेव सपरिवार बौद्ध परिपथ से निकले तो मार्ग में कई संस्कृतियों का मिलन दिखाई दिया। पालकी में एक ओर महादेव की गोद में प्रथमेश और दूसरी ओर माता पार्वती विराजमान थीं। शंखध्वनि और 51 डमरुओं के नाद के साथ शहनाई की गूंज और हर-हर महादेव के घोष से वातावरण शिवमय हो उठा। सारनाथ के गंज क्षेत्र स्थित संकटमोचन मंदिर से दोपहर तीन बजे पालकी यात्रा शुरू हुई। शिवांजलि के संयोजक संजीवरत्न मिश्र ने चंद्रमौलीश्वर का विधि-विधान से शृंगार किया। यह भी पढ़ें- Varanasi News: काशी का प्रमुख आध्यात्मिक क्षेत्र है सारनाथ महाआरती और विशेष पूजन के बाद काशी विश्वनाथ ड...