परिवाद में जारी सम्मन में अग्रिम जमानत पोषणीय है या नहीं
प्रयागराज, मई 1 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। कंपलेंट केस यानी परिवाद दर्ज कर मजिस्ट्रेट द्वारा यदि आरोपी को सम्मन जारी किया जाता तो क्या आरोपी अग्रिम जमानत की मांग कर सकता है?, क्या ऐसी स्थिति में आरोपी की गिरफ्तारी की युक्ति युक्त संभावना है। इस महत्वपूर्ण विधि प्रश्न पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति डीसी सामंत की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। गत दिनों हाईकोर्ट की एकल न्याय पीठ ने इन प्रश्नों का रेफरेंस मुख्य न्यायाधीश को भेजा था तथा इसका समाधान बड़ी पीठ में करने का अनुरोध किया था। मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर उपरोक्त खंडपीठ को प्रकरण नामित किया गया है。 यह भी पढ़ें- समाधान समारोह-2026: अब सहमति से सुलझेंगे सुप्रीम कोर्ट के लंबित मामलेसुनवाई का विवरण गुरुवार को बार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विनय सरन, श्वेताश्व अग्र...
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