परियोजना के दायरे में आने वाले भूमि, भवन और पेड़ चिह्नित होंगे
वाराणसी, जुलाई 25 -- वाराणसी। गंगा और वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण के लिए अब ज्वाइंट मेजरमेंट सर्वे (जेएमएस) शुरू होगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), राजस्व विभाग और डीपीआर कंसल्टेंट की संयुक्त टीम सर्वे करेगी। इसमें कॉरिडोर के दायरे में आने वाले भवन, भूमि, पेड़, पोल, धार्मिक स्थल, पुल, फ्लाईओवर, आरओबी समेत अन्य चीजें चिह्नित की जाएंगी। वाराणसी में अर्बन मोबिलिटी (शहरी परिवहन) को और सुगम करने के लिए 15 जुलाई को गंगा और वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। दोनों बड़ी परियोजनाओं पर तकरीबन 25,500 करोड़ लागत आएगी। इनमें 43.218 किमी लम्बे वरुणा कॉरिडोर पर 10998.32 करोड़ और 46.039 किमी लम्बे गंगा एलिवेटेड प्रोजेक्ट पर 14447.64 करोड़ खर्च होंगे। तीन से साढ़े चार साल में इन्हें पूरा करने का लक्ष्य है。
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