नई दिल्ली, फरवरी 28 -- आज की दुनिया में परिपक्वता (Maturity) को अक्सर उम्र, सफलता या जिम्मेदारियों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन सच्चाई यह है कि कई बार कम उम्र के लोग भी बेहद परिपक्व होते हैं और बड़ी उम्र के लोग भावनात्मक रूप से अपरिपक्व। आध्यात्मिक शिक्षक और मोटिवेशनल स्पीकर Nityanand Das के अनुसार, maturity उम्र से नहीं बल्कि आत्म-जागरूकता (awareness) से शुरू होती है। जब इंसान यह समझने लगता है कि हर स्थिति उसके नियंत्रण में नहीं होती, हर इच्छा पूरी होना जरूरी नहीं है और हर रिश्ते में सिर्फ अपेक्षा रखना सही नहीं- तभी परिपक्वता का वास्तविक विकास होता है। सच्ची maturity वह अवस्था है, जहां व्यक्ति भीतर से स्थिर, शांत और संतुलित होता है। नित्यानंद दास बताते हैं कि परिपक्वता का अर्थ दुनिया से भागना नहीं, बल्कि दुनिया में रहते हुए भी मन को स्थ...
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