सीवान, मई 19 -- भगवानपुर हाट, एसं। मृतक की पत्नी कुमारी माया शास्त्री की हृदयविदारक चीत्कार सुनकर वहां खड़े हर व्यक्ति का कलेजा कांप उठ जा रहा था। वहीं माता प्रभावती देवी, पिता सूर्यदेव प्रसाद को फूट - फूट कर रोते बिलखते व चीत्कार करते देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो जा रही थी। उसके छोटे से बेटे अनमय को देख लोग और भी भावुक हो जा रहे थे। इसे लेकर पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। वे अपने पीछे पत्नी कुमारी माया शास्त्री, 8 वर्षीय पुत्र अनमय, माता प्रभावती देवी सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी सीवान में एक इंटर कॉलेज में शिक्षिका हैं। वे दो भाईयों में बड़े थे। इस घटना से बाजार के व्यवसायियों और स्थानीय लोगों में भी गहरा शोक व्याप्त है।

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