प्रयागराज, मार्च 23 -- इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक सोमवार को नॉर्थ हॉल में कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान विभिन्न चयन समितियों की सिफारिशों के लिफाफे खोले गए। परास्नातक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में नया परीक्षा पैटर्न पर विमर्श हुआ। जिन्हें परिषद ने मंजूरी प्रदान कर दी। पीआरओ प्रो. जया कपूर की ओर से जारी सूचना के अनुसार, परीक्षा समिति की 26 फरवरी की बैठक के निर्णयों को भी मंजूरी दी गई। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्नातकोत्तर (पीजी) और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में मूल्यांकन प्रणाली में बड़ा बदलाव किया गया है। अब सतत आंतरिक मूल्यांकन का भारांक 30 प्रतिशत और सत्रांत परीक्षा का 70 प्रतिशत होगा। पहले यह अनुपात 40 और 60 था। प्रश्नपत्र के स्वरूप में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन अंकों का वितरण नए प...