शामली, नवम्बर 23 -- क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण व मिट्टी की उर्वरता को बचाने के लिए बीडीओ ने ग्रामीणों से सख्त अपील की है कि फसल अवशेष (पराली) एवं कूड़ा-करकट किसी भी हाल में न जलाएं। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। शनिवार को खंड विकास अधिकारी रोहताश ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों का हवाला देते हुए ग्रामीणों से अपील की है कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए कूड़ा-करकट एवं फसल अवशेषों को आग न लगाएं। उन्होंने बताया कि पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता घटती है, साथ ही वायु प्रदूषण बढ़ने से लोगों व पशुओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा होता है। धुएं के कारण अस्थमा व श्वास संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं। बीडीओ ने वैकल्पिक तरीकों की जानकारी देते हुए कहा कि फसल अवशेषों से कम्पोस्ट खाद बना...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.