सीतापुर, सितम्बर 24 -- सीतापुर, संवाददाता। फसल अवशेष जलाने से होने वाले पर्यावरण प्रदूषण और मिट्टी की उर्वरा शक्ति को हो रहे नुकसान को देखते हुए प्रशासन ने पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। डीएम डॉ. राजागणपति आर ने कहा कि खेत में पराली और गन्ने की पत्तियां जलाने से मृदा का तापमान बढ़ता है, जिससे करोड़ों उपयोगी सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं। इससे मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा घटती है और फसलों को पोषक तत्व मिलने की क्षमता भी प्रभावित होती है। डीएम ने बताया कि शासनादेश के तहत प्रत्येक ग्राम सभा में ग्राम प्रधान के साथ राजस्व, कृषि, ग्राम्य विकास और पंचायती राज विभाग के कर्मचारियों की समिति गठित की गई है। समिति गांवों में बैठक और गोष्ठियों के माध्यम से किसानों को पराली जलाने के नुकसान, दंडात्मक प्रावधानों और...