पराली जलाने से घटेगी खेत की ताकत, प्रबंधन से बनेगी खाद
औरैया, सितम्बर 10 -- पराली को खेत में जलाने के बजाय उसका बेहतर प्रबंधन कर मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाई जा सकती है। फसल अवशेष खेत में मिलाने से जैविक खाद के साथ मिट्टी को जरूरी पोषक तत्व भी मिलते हैं। किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और फसल अवशेष प्रबंधन के तरीके बताने के लिए ग्राम पंचायत घसारा में न्याय पंचायत स्तरीय कृषक जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई। ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक सुनील कुमार ने किसानों को बताया कि फसल कटाई के बाद बचे अवशेषों को जलाना खेत के लिए नुकसानदायक है। इसके बजाय अवशेषों को खेत में मिलाकर जैविक खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। यह भी पढ़ें- Begusarai News: किसानों को दी गई खरीफ फसल उत्पादन तकनीक की जानकारी इससे मिट्टी की गुणवत्ता और उर्वरा शक्ति बनाए रखने में मदद मिलती है। सहायक विकास अधिकारी कृषि नंदकिशोर न...
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