बस्ती, अप्रैल 23 -- बस्ती। जिले में पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं को लेकर कृषि विभाग ने किसानों एडवाइजरी जारी की है। उप कृषि निदेशक अशोक कुमार गौतम ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि फसल अवशेष जलाना पर्यावरण व कृषि दोनों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है, जिससे पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। आग के कारण मिट्टी में मौजूद लाभकारी कीट व सूक्ष्म पोषक तत्व नष्ट हो जाते है। जिससे जमीन की उत्पादक क्षमता घटती है और भविष्य में अधिक उर्वरक की आवश्यकता पड़ती है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार पराली जलाने से निकला धुआं स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। यह भी पढ़ें- खेत में फसल अवशेष जला तो प्रभावित होगी मिट्टी संरचना इसमें मौजूद सूक्ष्म कण (पीएम 2.5) वायु को प्रदूषित कर देते है। जिससे कैंसर, हृदय रोग, आंखों म...