मुजफ्फर नगर, जुलाई 25 -- मोरना पौराणिक तीर्थ नगरी शुकतीर्थ स्थित श्रीराम आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास पुरुषोत्तम कृष्ण गोस्वामी ने प्रभु भक्ति, विनय, सदाचार और व्यवहार की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया।वृंदावन से पधारे कथा व्यास पुरुषोत्तम कृष्ण गोस्वामी ने कहा कि हनुमंतधाम के पूज्य स्वामी आनंद स्वरूपानंद महाराज के गुरुवचन थे कि शुकतीर्थ के संतों को किसी अन्य तीर्थ पर जाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह स्वयं व्यासभूमि है और यहां सभी महान संतों का आगमन होता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण यहां भगवान शुकदेव के रूप में विराज हुए हैं तथा यही धरा श्रीमद्भागवत का मूल स्थान है।उन्होंने यह भी पढ़ें- श्री राम आश्रम में भागवत भवन का पूर्व मंत्री ने किया शुभारंभ कहा...