परम गति का माध्यम है भागवत कथा का श्रवण करना
इटावा औरैया, जुलाई 25 -- इटावा। गुरु पूर्णिमा आश्रम में वेदांताचार्य राज नारायण दीक्षित के पावन सानिध्य में चल रहे गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दूसरे दिन कानपुर से आयें पंडित शशिकांत पांडेय ने भागवत महापुराण के महात्म्य पर व्याख्यान दिया। आचार्य राज नारायण दीक्षित ने गुरुपूर्णिमा महोत्सव की रूपरेखा प्रस्तुत की और बताया कि यह 42वां वार्षिकोत्सव है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन का मुख्य लक्ष्य जन्म और मृत्यु के चक्कर से छुटकारा पाना यानी मोक्ष प्राप्त करना है, इसी को अध्यात्म में परम गति कहते हैं, जिसका माध्यम मात्र भागवत कथा श्रवण करना है। मानस मर्मज्ञ आचार्य विजय रामायणी ने राम के अवतार के प्रमुख कारण नारद मोह प्रसंग पर व्याखान दिया। आचार्य देवेश अवस्थी ने महाराज रघु, अज, दशरथ के चरित्र का विश्लेषण करते हुए श्रीराम के अवतरण जन्मोत्सव का रोचक ढंग...
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