परम्परागत कृषि विधियों को अपनाकर बढ़ाएं उत्पादन
कुशीनगर, मई 22 -- कुशीनगर। जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ मेनका ने किसानो से अपील करते हुए कहा है कि फसलों में प्रति वर्ष कीट, रोग एवं खरपतवारों से होने वाली प्रभावों को देखते हुए परम्परागत व वैज्ञानिक कृषि विधियों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। मेडों की साफ-सफाई, ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई, भूमि शोधन व बीज शोधन जैसी विधियों को अपनाकर फसलों को सुरक्षित रखते हुए उत्पादन में वृद्धि तथा लागत में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि बुवाई से पूर्व बीज शोधन अवश्य करें। इसके लिए प्रति किलोग्राम बीज पर 2.5 ग्राम थीरम 75 प्रतिशत डीएस व 2 ग्राम कार्बेन्डाजिम 50 प्रतिशत डब्ल्यूपी अथवा यथा संभव 4 से 5 ग्राम ट्राइकोडर्मा का प्रयोग लाभकारी है।बीज शोधन से बीज सड़न व बीजजनित रोगों जैसे बीज गलन तथा उकठा की रोकथाम होती है, जिससे अंकुरण अच्छा होता है, ...
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