परमा एकादशी व्रत कथा हिंदी : यहां पढ़ें परमा एकादशी व्रत की कथा, अधिकमास की कामदा एकादशी व्रत
नई दिल्ली, जून 10 -- युथिष्ठिर ने श्रीकृष्ण से पूछा कि अधिकमास के शुक्ल पक्ष में कौन सी एकादशी आती है और इसका क्या फल है। इस दिन कैसे व्रत करना चाहिए। पाप का नाश और पुण्य का दान करनेवाली एकादशी के माहात्म्यका वर्णन कीजिए, जिसे इस लोकमें करके मनुष्य परम पदको प्राप्त होता है। भगवान् श्रीकृष्ण ने कहा-राजन् ! शुक्ल या कृष्णपक्ष में जभी एकादशी प्राप्त हो, उसका परित्याग न करें, क्योंकि वह मोक्ष दिलाने वाली है। अधिकमास की दोनों एकादशी खास होती हैं। अधिकमास की दो एकादशी हैं, इनमें एक पद्मिनी एकादशी है और एक परमा एकादशी है। कल परमा एकादशी है। इसे पद्मपुराण में कमला एकादशी का नाम दिया गया है। पद्मपुराण में कहा गया है कि कलयुगमें तो एकादशी ही भव-बन्धन से मुक्त करने वाली, सम्पूर्ण कामनाओं को पूरा करके आपको सुख देनेवाली और सभी पापों का नाश करनेवाली ...
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