गोपालगंज, अप्रैल 21 -- भोरे। प्रखंड के पांडेय चकिया में आयोजित श्री हनुमत प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ में प्रवचन करते हुए प्रसिद्ध कथावाचिका अमृता उपाध्याय ने सती मोह और शिव-पार्वती विवाह के प्रसंग पर मार्मिक चर्चा की। उन्होंने कहा कि जब जीव परमात्मा पर संशय करता है, तो उसका कल्याण मार्ग अवरुद्ध हो जाता है। रामचरितमानस के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि त्रेता युग में जब भगवान राम सीता जी के वियोग में विलाप कर रहे थे, तब माता सती को उनके ब्रह्म होने पर संशय हो गया। भगवान शिव के समझाने के बाद भी सती ने अपनी बुद्धि का प्रयोग किया और सीता जी का वेष धारण कर प्रभु श्री राम की परीक्षा लेने पहुंच गईं। यह भी पढ़ें- धैर्य और विश्वास से प्राप्त होते हैं हर लक्ष्य
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