मुजफ्फर नगर, जून 6 -- मुजफ्फरनगर खतौली के त्रिवेणी शुगर मिल परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर रहे। कथा व्यास महाराज गंगोत्री तिवारी मृदुल ने जीवन दर्शन को समझाते हुए कहा कि संसार में असल दुख वह नहीं जो परिस्थितियों से मिले, बल्कि वह समय सबसे बड़ा दुख है जब व्यक्ति सुख में अंधा होकर परमात्मा को भूल जाता है। यही कारण था कि माता कुंती ने भगवान से सुख के बजाय दुख मांगा, ताकि प्रभु का स्मरण हमेशा बना रहे।भीष्म पितामह के प्रसंग का जीवंत वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि जिसके मन में ईश्वर के प्रति अगाध प्रेम होता है, भगवान उस पर कृपा अवश्य करते हैं। पितामह की अंतिम इच्छा प्रभु दर्शन की थी, जिसे भगवान ने स्वयं उपस्थित होकर पूर्ण किया। उन्होंने भक्तों को प्रेरित किया कि संसार के कार्यों को करते हुए भी अपना अ...