बहराइच, अप्रैल 11 -- फखरपुर। बेलहरी ग्राम पंचायत भवन में नौ दिवसीय सरस संगीतमयी श्रीराम कथा ज्ञान महायज्ञ चल रही है। चौथे दिन कथा व्यास ओमप्रकाश शास्त्री ने शिव-सती प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि जब भगवान शिव ने माता सती को भगवान श्रीराम की परीक्षा लेने से स्पष्ट रूप से मना किया, तब भी सती जी अपने मन में उत्पन्न संदेह और जिज्ञासा के कारण प्रभु की परीक्षा लेने के लिए प्रेरित हो गईं। जब मन में संदेह उत्पन्न होता है, तो वह व्यक्ति को सत्य मार्ग से विचलित कर देता है। उन्होंने कहा कि भगवान की प्राप्ति न तो परीक्षा लेने से होती है और न ही तर्क-वितर्क या समीक्षा करने से। उनका साक्षात्कार केवल सच्ची श्रद्धा, निष्कपट भक्ति और धैर्यपूर्ण प्रतीक्षा से ही संभव है। कहा कि हमें सदैव भगवान को अपने जीवन में सर्वोपरि स्थान देना चाहिए और उनके बताए मार्ग पर...
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