लखनऊ, अक्टूबर 4 -- लखनऊ, संवाददाता पंचवटी घाट, चौक स्थित प्राचीन लेटे हुए हनुमान मंदिर में चल रही सप्त दिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन राम वनवास, केवट भक्ति और भरत चरित्र के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा व्यास स्वामी विष्णु दास महाराज ने कहा कि परमात्मा कृपा करते हैं तो संपत्ति नहीं, सत्संग देते हैं। सत्संग जीवन को ईश्वर की ओर ले जाता है, जबकि कुसंग पतन का कारण बनता है। मंथरा के कुसंग से ही कैकेयी की मति बदली और अयोध्या का आनंद शोक में बदल गया। केवट की निष्काम भक्ति और चित्रकूट में राम-भरत मिलन के प्रसंग पर पंडाल में भावुक माहौल बन गया। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस परिवार संचालन की आदर्श संहिता है। गोमती का जलस्तर बढ़ने के बावजूद श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है। इस दौरान पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह, विधायक मांडवेंद्र सिंह स...