शाहजहांपुर, मार्च 8 -- शहर के चित्रा टॉकीज परिसर में रविवार से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा का वाचन वृंदावन से पधारे कथा व्यास आचार्य डॉ. दामोदर दीक्षित कर रहे हैं। कार्यक्रम का समापन 15 मार्च को भंडारा और प्रसाद वितरण के साथ होगा। प्रथम दिवस की कथा में आचार्य डॉ. दामोदर दीक्षित ने श्रीमद्भागवत के मंगलाचरण की व्याख्या करते हुए ईश्वर के स्वरूप पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जैसे घड़ा बनाने के लिए मिट्टी, पानी, आग और हवा जैसे तत्वों की आवश्यकता होती है और कुम्हार घड़ा बनाकर उससे अलग हो जाता है, लेकिन परमात्मा इस संसार की रचना करके उससे अलग नहीं होता, बल्कि हर क्षण उसके साथ रहता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत भगवान का स्वरूप है और इसके श्रवण से भक्तों को आनंद और शांति की प्राप्ति होती है।कथा के दौरान उ...