परमात्मा अभेद एक ही तत्वः कृष्णचंद शास्त्री
मथुरा, जून 22 -- राम ही कृष्ण हैं, कृष्ण ही नारायण हैं, नारायण ही शिव हैं और शिव ही तीनों हैं। परमात्मा एक ही अभेद तत्व है। योगी जिसे परमात्मा, ज्ञानी जिसे ईश्वर कहते हैं, भक्त उसी को भगवान कहते हैं। यह विचार श्रीमद्भागवत के दशम स्कंध के हृदयस्वरुप रास पंचाध्यायी पर भावपूर्ण चर्चा करते हुए भागवत भास्कर कृष्णचंद्र शास्त्री ठाकुरजी ने श्री ब्रजसेवा समिति टीबी सेनेटोरियम के हीरक जयंती वर्ष तथा बांकेबिहारी महाराज के अनन्य सेवी लाला हरगुलाल की 46वीं पुण्य तिथि पर आयोजित आध्यात्मिक समारोह में व्यक्त किए। त्रिदिवसीय समारोह के प्रथम दिवस सायंकाल भागवत रस माधुरी पर प्रवचन करते हुए उन्होंने कहा कि भक्तों की रक्षा करने वाले श्रीकृष्ण जहां नित्य नवीन रुपों में निवास करते हैं, वही वृन्दावन है। महारास लीला का मुख्य कर्णधार वेणु है। उन्होंने कहा कि जब ब...
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