मेरठ, जनवरी 5 -- मेरठ, संवाददाता आर्य समाज थापरनगर में रविवार को आयोजित सत्संग में त्रैतवाद का सिद्धांत ही उचित क्यों विषय पर गोष्ठी हुई। आचार्य सत्यप्रकाश शास्त्री ने यज्ञ कराया। आर्य समाज थापरनगर के प्रधान राजेश सेठी ने बताया संसार में परमात्मा, जीवात्मा और प्रकृति तीनों शाश्वत और अनादि हैं। परमात्मा ने मूल प्रकृति से जीवात्मा के कल्याण के लिए इस संसार का निर्माण किया है। ब्रह्म सत्य जगत मिथ्या का आद्य गुरु शंकराचार्य द्वारा प्रतिपादित सिद्धांत को मानने पर उपासक और उपास्य का भेद मिट जाता है। हमारे समस्त सांसारिक व्यवहार निरुद्देश्य हो जाते हैं। उपनिषदों में भी परमात्मा और जीवात्मा को समान धर्मी प्रकृति रूपी वृक्ष में बैठे हुए दो पक्षियों की उपमा देते हुए वर्णन किया गया है। अनेक मत परमात्मा की सत्ता को नहीं मानते, केवल प्रकृति की सत्ता प...