खगडि़या, अप्रैल 4 -- परबत्ता । एक प्रतिनिधि पूर्णिमा की पावन संध्या पर गुरुवार को उत्तरवाहिनी अगुवानी गंगा घाट आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम बन गया। जैसे ही सूरज ढला, गंगा तट पर सैकड़ों दीपों की स्वर्णिम आभा बिखर उठी। घंटों समय तक वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और हर-हर गंगे के गगनभेदी जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। भव्य गंगा महाआरती के दौरान ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं मां गंगा अपने भक्तों के बीच विराजमान हों। कार्यक्रम की शुरुआत विद्वान पंडितों और आचार्यों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। पंचायत समिति सदस्य चमन सिंह और जयंत कुमार ने वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजन संपन्न कराया। जैसे ही आरती की लौ गंगा की लहरों से संवाद करती दिखी, श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। दीपों की झिलमिलाहट और भक्ति संगीत ने पूरे घाट को आध्यात्मिक...