उरई, मार्च 26 -- उरई। गैस संकट के बाद गैर राज्यों से प्रवासी मजदूरों के आने की रफ्तार बढ़ती जा रही है। पर पैतृक गांव आने के बाद उनके सामने रोजगार की समस्या पैदा होने लगी है। हालांकि कई लोगों ने किराने की छोटी दुकान खोलने के साथ मेहनत मजदूरी में जुट गए हैं। गुरुवार को परदेश से लौटे मजदूरों का कहना है कि जीराम जी योजना में तो गिने चुने दिनों ही काम मिलता है। जो मजदूर लौटे हैं, उनके लिए प्रशासन को काम की अलग से व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। वैसे जानकारों की मानें तो रोज सौ से डेढ़ सौ प्रवासी आ रहे हैं। डकोर के गौरव व नंदराम ने बताया, वह तो गुजरात में चाट बतासे का ठेला लगाते थे। अब घर वापस आ गए हैं तो यहां पर जो थोड़ी बहुत पूंजी थी, उससे घर में ही किराने की दुकान खोल ली है। अभी दुकान रफ्तार पकड़ गई तो यही रुक जाएंगे, वर्ना वहीं लौट जाएंगे। इसी त...