गंगापार, मार्च 5 -- करछना क्षेत्र के मछहर उर्फ़ पुरवा गांव में होलिका दहन के बाद प्राचीन परंपरा का अनोखा नजारा देखने को मिला। यहां 11 वर्ष की आयु के 11 बच्चों ने जलती होलिका को पार कर परंपरा का निर्वहन किया। इस दृश्य को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। गांव में शुभ मुहूर्त पर आचार्यों की मौजूदगी में विधि-विधान से होलिका पूजन किया गया, जिसके बाद दहन किया गया। परंपरा के अनुसार पहले बच्चों ने होलिका की परिक्रमा की और फिर बारी-बारी से हाथ जोड़कर जलती होलिका को पार किया। ग्रामीणों के अनुसार इस परंपरा को निभाने वाले बच्चे पूरे दिन जूता-चप्पल और साबुन का उपयोग नहीं करते तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखते हैं।
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