परंपरा को जीवंत रख समरसता की डोर खींचता है जगन्नाथपुर मेला
रांची, जुलाई 15 -- स्नेहा शर्मा रांची। जगन्नाथपुर की ऐतिहासिक रथयात्रा भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना के पर्व के साथ सदियों से चली आ रही सामाजिक समरसता, साझी संस्कृति और सामुदायिक भागीदारी का जीवंत उदाहरण भी है। इस रथयात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसी एक वर्ग का वर्चस्व नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों की सम्मानजनक भूमिका रही है। यह रथयात्रा संदेश देती है कि जब समाज के सभी वर्ग एक साथ आस्था और सेवा के सूत्र में जुड़ते हैं, तभी परंपरा जीवंत रहती है। यही कारण है कि यह ऐतिहासिक रथ मेला धार्मिक आयोजन से आगे बढ़कर झारखंड की साझी संस्कृति, सामाजिक समरसता और लोक परंपरा का प्रतीक बन चुका है。 यह भी पढ़ें- Sahibganj News: धूमधाम से कल निकलेगी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रारथयात्रा का सामाजिक महत्व ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव के वंशज प्रवीर नाथ शा...
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