सहरसा, अप्रैल 16 -- महिषी, एक संवाददाता। प्रखंड के विभिन्न गांवों में बुधवार को पर्यावरण से जुड़ा जुड़ शीतल पर्व पारंपरिक आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर घर की बुजुर्ग महिलाओं ने अपने से छोटों के सिर पर जल डालकर उन्हें जुड़ाया, जो स्नेह और आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। पर्व के दौरान लोगों ने घर- आंगन, ग्रामीण सड़कों, धर्मस्थलों तथा पेड़-पौधों पर पानी डालकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। परंपरा के अनुसार तुलसी के पौधों और पूर्वजों के श्मशान स्थलों पर छोटे घड़ों में छेद कर पानी भरकर टांगा गया, जिससे बूंद-बूंद जल गिरता रहे और गर्मी से राहत मिल सके। यह भी पढ़ें- सहरसा : परंपरा के संग मनाया गया जुड़ शीतल पर्व इससे एक दिन पूर्व वैशाखी पर लोगों ने जलदान किया और सतुआइन पर्व के तहत सत्तू का सेवन किया। जुड़ शीतल को बाइस पावैन भी क...
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