रांची, अगस्त 8 -- रांची, विशेष संवाददाता। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) में शनिवार को विश्व आदिवासी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि जेपीएससी की पूर्व अध्यक्ष डॉ. मेरी नीलिमा केरकेट्टा ने कहा कि अपनी परंपरा, संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहकर भी आसमान की ऊंचाइयां हासिल की जा सकती हैं। आदिवासी समाज की ताकत उसकी सामुदायिक भावना, प्रकृति से जुड़ाव और सांस्कृतिक विरासत है। वहीं, बीएयू के कुलपति डॉ. एससी दुबे ने कहा कि आदिवासी समाज द्वारा संरक्षित देशज ज्ञान, औषधीय वनस्पतियों व पारंपरिक प्रजातियों का वैज्ञानिक आधार पर प्रलेखन और संरक्षण जरूरी है। उन्होंने वैज्ञानिकों को बुजुर्डों के पारम्परिक ज्ञान को समझने का सुझाव दिया। यह भी पढ़ें- आदिवासी संस्कृति में श्रम व सामूदायिकता की अनूठी परंपरा: प्रो. राजीव मनोहरपुरस्कृत हुईं छात्राएं विश...