मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 25 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। सनातन परिवार में जन्म लेने वाला व्यक्ति अगर अपने कुल की परंपराओं का सही तरीके से पालन करते रहे तो दुख नहीं आएगा। मनुष्य जीवन भर सुखी रख सकता है। कुल परंपरा का पालन करना हमें रामचरित मानस के विभिन्न प्रसंगों से सीखने की आवश्यकता है। ये बातें जिला स्कूल खेल मैदान में चल रही श्रीराम कथा में कथावाचक प्रेमभूषण जी महाराज ने कही। हरियाणा सेवा संघ द्वारा आयोजित कथा में उन्होंने भगवान की बाल लीलाओं से जुड़े प्रसंगों का गायन करने के क्रम में कहा कि सनातन धर्म में भी इन दिनों कई विचारधाराओं का टकराव चल रहा है। परिवार और बच्चों को संस्कारित करने के लिए हमें अपनी कुल परंपरा का पालन करना जरूरी है। दूसरों का अंधा अनुकरण न करके आप अपनी परंपरा का निर्वहन करें। इससे परिवार में खुशहाली चलकर आएगी। क...
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