मुंगेर, अप्रैल 5 -- मुंगेर, निज संवाददाता। स्वास्थ्य सेवाओं को अत्याधुनिक बनाने के दावों के बीच सदर अस्पताल मुंगेर की एक स्याह तस्वीर सामने आ रही है। पुराने भवन को जमींदोज कर लगभग 32 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए नए मॉडल अस्पताल में ढांचा तो भव्य खड़ा कर दिया गया, लेकिन संवेदनशीलता और प्रबंधन के मोर्चे पर यह फिसड्डी साबित हो रहा है। आलम यह है कि अस्पताल में मरीजों की सहूलियत के लिए लगाई गई लाखों की मशीनें धूल फांक रही हैं, जबकि बीमार लोग घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं। ​अस्पताल को हाईटेक बनाने के उद्देश्य से ओपीडी के प्रत्येक चिकित्सक के चैंबर में पब्लिक एड्रेस सिस्टम (पीएएस) लगाया गया है। इस व्यवस्था के तहत मरीज को मिले टोकन नंबर को सिस्टम में दर्ज करना होता है, जिसके बाद वेटिंग एरिया में बैठे मरीज को माइ...