पद्मश्री रामदरश मिश्र की जयंती पर डुमरी में गूंजी साहित्य और लोकसंस्कृति की स्वर-लहरियां
गोरखपुर, अगस्त 15 -- गोरखपुर। राजीव दत्त पाण्डेय पद्मश्री साहित्यकार रामदरश मिश्र की 103वीं जयंती 15 अगस्त 2026 पर उनके पैतृक गांव डुमरी में साहित्य और लोकसंस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। बिसुनपुरा प्राथमिक विद्यालय में विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, साहित्यकारों के संस्मरण और पद्म रामदरश मिश्र की रचनाओं के पाठ से उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। पैतृक आवास पर लोकगीतों के गायन और बांसुरी वादन ने माहौल को भावपूर्ण बना दिया। यह भी पढ़ें- पद्मश्री रामदरश मिश्र का व्यक्तित्व जल तत्व की तरह सहज-निर्मल था : प्रो. विश्वनाथ तिवारी कार्यक्रम का आयोजन साहित्यकार रामदरश मिश्र के व्यक्तित्व, कृतित्व, लोकजीवन से गहरे जुड़ाव और अपनी मिट्टी के प्रति उनके आत्मीय संबंध को याद किया गया। कार्यक्रम में साहित्य जगत से जुड़े लोगों के साथ शिक्षक, ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.