कानपुर, मार्च 14 -- कानपुर। सीएसजेएमयू 'हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष' विषय पर आयोजित संगोष्ठी में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि वर्तमान समय में मीडिया की बदलती प्रकृति, तकनीकी हस्तक्षेप, बाजारवाद तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का प्रभाव पत्रकारिता के लिए चुनौती बन रहा है। भविष्य में तकनीक के साथ मानवीय संवेदनशीलता और नैतिक मूल्य बनाए रखना जरूरी है। हिन्दुस्तानी एकेडमी, उत्तर प्रदेश प्रयागराज एवं रामसहाय राजकीय महाविद्यालय, बैरी के संयुक्त प्रयास से आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी के पहले दिन शनिवार को माधवराव सप्रे स्मृति समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान, भोपाल के निदेशक पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर ने कहा कि पूर्वकाल में सीमित संसाधनों के बावजूद पत्रकारिता अत्यंत प्रभावशाली थी, जबकि आज संसाधनों की प्रचुरता के बावजूद प्रभावशीलता में क...