अल्मोड़ा, मई 30 -- कमल पंत, अल्मोड़ा। हिंदी पत्रकारिता दिवस पर शनिवार को संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान वर्तमान दौर और पत्रकारिता की चुनौती विषय पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा पर अपनी बात रखी। वक्ताओं ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रेस की स्वतंत्रता सूचकांक में भारत का पिछड़ना चिंता का विषय है। देश के विभिन्न हिस्सों में पत्रकारों पर हमले, मुकदमे, धमकियां और रिपोर्टिंग के दौरान विवाद जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। इस दौर में पत्रकारों के लिए सुरक्षित और स्वतंत्र माहौल की आवश्यकता है। कहा कि हिंदी पत्रकारिता दिवस केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि उन चुनौतियों पर मंथन का अवसर भी है। यह भी पढ़ें- निष्पक्ष और निर्भीक होकर समस्याओं को उठाएं पत्रकार : बिष्ट जिनका समाधान एक स्वतंत्र, निष्पक्ष ...