पत्नी पर क्रूरता का आरोप लगा तलाक मांगने पहुंचा शख्स; HC ने कर दिया दूध का दूध, पानी का पानी
शिमला, सितम्बर 29 -- एक ही परिसर में पति नए और बड़े मकान में रह रहा था और पत्नी पुराने कमरे या गौशाला में रहने को मजबूर थी। पत्नी को घर के शौचालय और वॉशरूम के इस्तेमाल करने की भी अनुमति नहीं थी। तलाक के एक मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के सामने आए इन तथ्यों पर अदालत ने कहा कि पत्नी को बुनियादी मानवीय सुविधाओं से वंचित करना उसकी गरिमा के खिलाफ है और यह क्रूरता की श्रेणी में आता है। उच्च न्यायालय में यह याचिका पति ने ही दायर की थी और पत्नी से तलाक दिलाने की अपील की थी। जस्टिस अजय मोहन गोयल और जस्टिस योगेश जसवाल की खंडपीठ ने मंडी की फैमिली कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें पति की तलाक की अर्जी खारिज कर दी गई थी। पति पेशे से फिजिकल एजुकेशन टीचर है। उसने हिंदू विवाह अधिनियम के तहत पत्नी पर क्रूरता और परित्याग का आरोप लगाते हुए तलाक मां...
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