रांची, अगस्त 22 -- पत्नी पर बार-बार टॉयलेट में बंद करने, बाथरूम की पानी की सप्लाई काटने और घर से निकाल देने जैसे गंभीर आरोप लगाने वाले जमशेदपुर के 58 वर्षीय व्यक्ति को झारखंड हाईकोर्ट से तलाक नहीं मिली। अदालत ने कहा कि आरोप गंभीर जरूर हैं, लेकिन उन्हें साबित करने के लिए ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य नहीं दिए गए। केवल पति की गवाही के आधार पर करीब 35 साल पुराने वैवाहिक संबंध को खत्म नहीं किया जा सकता। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत ने पति की अपील खारिज करते हुए फैमिली कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें तलाक की मांग ठुकरा दी गई थी। पति ने अदालत को बताया कि उसकी शादी 20 मई 1989 को हुई थी। दंपती के तीन बेटे हैं, जिनका जन्म 1990 के दशक में हुआ। पति के अनुसार, शादी के करीब 31 साल तक उनका वैवाहिक जीवन शांतिपूर्ण रहा और ...