पत्नी को 'बेवकूफ' और 'निकम्मी' कहना क्रूरता नहीं : सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली, नवम्बर 3 -- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पत्नी को 'बेवकूफ' और 'निकम्मी' कहना कानून की नजर में क्रूरता का अपराध नहीं माना जा सकता है। शीर्ष अदालत ने पत्नी को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में पति के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला रद्द करते हुए यह टिप्पणी की। न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि अपनी पत्नी को 'बेवकूफ' और 'निकम्मी' कहना क्रूरता नहीं मानी जा सकती। पीठ ने कहा कि ऐसी बातें, भले ही पहली नजर में मान ली जाएं, अधिक से अधिक जीवनसाथी के मिजाज/स्वाभाव को दिखा सकती हैं और उन्हें आपराधिक धमकी या गंभीर चोट पहुंचाने के बराबर नहीं माना जा सकता। शीर्ष अदालत ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ पति की अपील को स्वीकार करते हुए यह फैसला दिया है। हाईकोर्ट ने पति को राहत देने से इनकार करते हुए दर्ज मु...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.