प्रयागराज, अप्रैल 16 -- पत्नी की जानकारी के बिना उसकी ओर से याचिका दाखिल करने वाले पति की याचिका हाईकोर्ट ने हर्जाने के साथ खारिज़ कर दी। कोर्ट ने कर्नलगंज प्रयागराज के अनुज पांडेय की ओर से अपनी पत्नी की अवैध हिरासत के आरोप में दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) याचिका को अदालत की प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग मानते हुए खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने याचिकाकर्ता की मंशा पर गंभीर सवाल उठाते हुए उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है, जिसे दो महीने के भीतर हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन में जमा करने का निर्देश दिया गया है। अदालत में सुनवाई के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि याचिकाकर्ता अनुज पांडेय ने अपनी पत्नी शिक्षा जायसवाल,को उसकी जानकारी या सहमति के बिना ही इस मामले में दूसरी याचिकाकर्ता के रूप में शामिल किया था। ...