बाराबंकी, मार्च 28 -- टिकैतनगर। दरियाबाद थाना का बेहटा गांव निवासी बबलू पहले गुजरात के सूरत शहर में रहकर वहां पेंटर आदि का काम करता था। लेकिन बीते एक साल पूर्व तबीयत खराब होने पर वह घर चला आया था। परिजनों ने बताया कि उन्होंने उसके इलाज के लिए कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी थी, इलाज के लिए जमीन तक गिरवी रख दी थी और नेपाल स्थित एक अस्पताल से भी कुछ दिन उसके पेट का इलाज करवाया गया था। काफी दवा करने के बाद अभी कुछ दिनों पहले ही वह ठीक हुआ था। लेकिन सारी पूंजी उसके इलाज में लग जाने के चलते घर में नया काम शुरू करने के लिए कुछ नहीं बचा था। दस दिन पूर्व बबलू ने आइसक्रीम का काम शुरू करने की बात घर पर कही। जिसपर उसकी पत्नी चांदमुनि ने उसे घर पर रखे कुछ सोने चांदी के जेवरात दिए। जिसके बाद उन जेवरातों को बबलू ने जनपद गोंडा के जरवल कस्बा स्थित एक स्वर्ण व्...