मोतिहारी, जुलाई 7 -- चिरैया, निज संवाददाता। पत्नी की मौत के बाद से विश्वनाथ प्रसाद शिकारगंज चौक पर ही रहता था। परिजन घर से खाना लेकर आते थे। जिसे खाने के बाद वह दुकान की रखवाली में वहीं सोता था। पर्व -त्योहार और शादी -विवाह को छोड़ कर वह घर कभी कभार ही जाता था। मृतक विश्वनाथ प्रसाद दो भाईयों में छोटा था। बड़े भाई राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि विश्वनाथ का किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। वह काफी मिलनसार स्वभाव का था। मृतक को एक पुत्र व एक पुत्री है। दोनों की शादी हो चुकी है। पुत्र संतोष जायसवाल सपरिवार नेपाल की राजधानी काठमांडू रहता है। जिसे घटना की सूचना दे दी गई है। उसके आने पर अन्तिम संस्कार किया जायेगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में मृतक की पत्नी की मौत हो गई थी। तब से वह चौक पर ही रहता था। घटना के बाद से शिकारगंज चौक व मृतक के पैतृक गांव...
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