नई दिल्ली, जून 18 -- दिल्ली के एक आदमी की पत्नी का इलाज के कुछ हफ्ते बाद निधन हो गया था। जब हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी ने उन्हें अस्पताल के खर्च का पूरा पैसा नहीं दिया तो उन्हें कंज्यूमर कमीशन का दरवाजा खटखटाना पड़ा। इंश्योरेंस कंपनी ने विभिन्न क्लॉज का हवाला देते हुए अस्पताल के खर्च का केवल एक तिहाई हिस्सा ही वापस किया था। कमीशन ने माना कि इंश्योरेंस कंपनी अपनी कटौती को सही नहीं ठहरा पाई। ऐसे में कमीशन ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को बीमा राशि के साथ-साथ मुआवजे और कानूनी खर्च देने का निर्देश दिया।फैमिली हेल्थ पॉलिसी ली थी प्रवाश मोहंती नाम के आदमी ने कंज्यूमर कमीशन में याचिका दायर की थी। कमीशन के अध्यक्ष सुखवीर सिंह मल्होत्रा ​​और सदस्य रवि कुमार इस पर सुनवाई कर रहे थे। मोहंती ने 2020 में अपनी पत्नी को खो दिया था और उन्हें इंश्योरेंस की रकम पान...