नई दिल्ली, मार्च 30 -- दिल्ली की एक अदालत ने 2015 के दहेज-मौत और क्रूरता के एक मामले में आरोपी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। हालांकि, अदालत ने सुनवाई से गैरहाजिर रहने और फरार रहने के चलते आरोपी को IPC की धारा 174A के तहत दोषी करार दिया है। यह मामला जाकिर हुसैन नामक व्यक्ति से जुड़ा है, जिस पर अपनी पत्नी नूर सबा को आत्महत्या के लिए उकसाने, दहेज मांगने और मानसिक प्रताड़ना देने के आरोप थे। मामले की सुनवाई कर रहीं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्वाति गुप्ता ने कहा कि आरोप लगाने वाला पक्ष अपनी बात को साबित नहीं कर पाया।आरोपी के खिलाफ नहीं मिली ठोस सबूत अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि आरोपी ने अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष के पास ऐसा कोई ...