नई दिल्ली, मार्च 18 -- पत्नी की बेवफाई साबित करने के लिए बच्चों के DNA टेस्ट की मांग कर रहे पिता को हाईकोर्ट से झटका लगा है। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने कहा है कि पैरेंट्स के बीच विवाद को सुलझाने के लिए बच्चों को टूल नहीं बनाया जा सकता। साथ ही कहा कि पत्नी के अवैध संबंधों के दावों को साबित करने के लिए बच्चों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। याचिकाकर्ता पति की ओर से तलाक का केस दाखिल किया गया था। उसका दावा था कि पत्नी ने उसे 2 साल पहले छोड़ दिया है। जस्टिस टीआर राव मामले में सुनवाई कर रहे थे। 12 मार्च को जारी आदेश में उन्होंने कहा कि अलग हो चुके जोड़े के अवैध संबंधों के आरोप साबित करने के लिए बच्चों का इस्तेमाल नहीं कर सकते। कोर्ट ने कहा, 'पत्नी को व्यभिचारी सिद्ध करने के उद्देश्य से, याचिकाकर्ता (पति) अपने बच्चों के DNA टेस्ट की मांग नहीं...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.