नई दिल्ली, जनवरी 2 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में साफ कहा है कि अलगाव के बाद पत्नी का बैंक अकाउंट में कुछ बचत होना या परिवार को एक बार पैसे भेजना, पति के लिए भरण-पोषण देने से इनकार करने का वैध कारण नहीं है।क्या था पूरा मामला? 2001 में हुई शादी से एक बेटी हुई। लेकिन 2015 से दंपति अलग-अलग रहने लगे। पति ने क्रूरता के आधार पर तलाक की याचिका दायर की। इस दौरान फैमिली कोर्ट ने मार्च 2021 में अंतरिम भरण-पोषण का आदेश दिया। कोर्ट ने पति को निर्देश दिया कि वह पत्नी और बेटी दोनों को 25-25 हजार रुपये प्रतिमाह दें। पति ने इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी। उनकी मुख्य दलील थी कि पत्नी ने 2018 में अपने भाई को 82 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। साथ ही उसके अकाउंट में कुछ बचत भी थी। पति का कहना था कि इससे साबित होता है कि पत्नी के पास पर्याप्त...