विधि संवाददाता, अप्रैल 29 -- UP News : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि पत्नी कमाने में सक्षम है तो वह केवल काम न करने का हवाला देकर पति से भरण-पोषण की मांग नहीं कर सकती। इसी के साथ कोर्ट ने स्त्री रोग विशेषज्ञ पत्नी की अपील खारिज कर दी और परिवार न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा। यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन एवं न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने दिया है। मामले के तथ्यों के अनुसार प्रयागराज निवासी पति न्यूरो सर्जन और पत्नी गायनेकोलॉजिस्ट हैं। पत्नी ने अपने और तीन बच्चों के लिए हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 और 26 के तहत भरण पोषण की मांग की थी। मामला पहले परिवार न्यायालय में चला जहां न्यायालय ने पत्नी के लिए भरण-पोषण देने से इनकार कर दिया था जबकि बच्चों के लिए पति को प्रतिमाह 60 हजार रुपये देने का आदेश दिया था। इसका भुगतान पति ...