नई दिल्ली, अगस्त 19 -- रिपोर्ट- हेमलता कौशिक दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि पत्नी का लगातार झगड़ना, पति को अपने माता-पिता की मदद करने से रोकना, अलग रहने के बावजूद विवाद जारी रखना और शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करना परिस्थितियों के आधार पर वैवाहिक क्रूरता माना जा सकता है। इसके साथ ही जस्टिस सी.हरिशंकर और जस्टिस विनोद कुमार की खंडपीठ ने पत्नी की अपील खारिज करते हुए फैमिली कोर्ट द्वारा पति को दिए गए तलाक को बरकरार रखा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हर बात पर विवाद खड़ा करने का मतलब है कि वह परिवार बसने की स्थिति में नहीं है। यह तलाक हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13(1)(IA) के तहत क्रूरता के आधार पर दिया गया था। पति ने आरोप लगाया था कि शादी के बाद से ही पत्नी उससे व उसके माता-पिता से अक्सर झगड़ती रहती थी और पति के वेतन का क...