भोपाल, मई 5 -- इंदौर में धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर चल रहे विवाद में एक बार फिर बड़ा तथ्य सामने आया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने साफ कहा है कि यहां मौजूद ढांचे का निर्माण मूल मंदिर की सामग्री से ही किया गया था। यही वजह है कि परिसर में मौजूद पत्थरों पर आज भी संस्कृत के श्लोक उकेरे हुए मिलते हैं। एएसआई के अनुसार, वर्ष 1902-03 में हुए सर्वेक्षण में ही यह स्पष्ट हो गया था कि भोजशाला मूल रूप से मंदिर थी। समय-समय पर यहां पहुंचे कई विदेशी और भारतीय यात्रियों ने भी अपने विवरणों में इसे सरस्वती मंदिर के रूप में दर्ज किया है। इन विवरणों में यह भी उल्लेख मिलता है कि बाद के दौर में इसे मस्जिद के रूप में परिवर्तित किया गया। यह भी पढ़ें- भोजशाला केस: HC ने मुस्लिम पक्ष से मांगी आपत्तियां, 3 दिन की मोहलतदो घंटे चली तीखी बहस मध्यय प्रदेश हाईकोर्...