किशनगंज, मार्च 10 -- दिघलबैंक। एक संवाददाता पिछले करीब दो दशक से दिघलबैंक प्रखंड के दक्षिणी पश्चिम छोड़ पर कनकई नदी के किनारे बसा पत्थरघट्टी पंचायत के करीब आधे दर्जन गांव अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। पिछले करीब सत्रह अठारह वर्षों से बाढ़(फ्लश फ्लड) और कटाव जैसी भयानक त्रासदी को झेलते झेलते पत्थरघट्टी पंचायत के काशीबाड़ी, कचना बस्ती, मालप्रति जैसे बड़े गांव जहां अपने पूराने जगह से पूर्णत: विस्थापित हो चुके हैं। वहीं एक अन्य बड़ा गांव ग्वालटोली की भी आधी से अधिक आबादी विस्थापित हो चुकी है। वर्तमान में पत्थरघट्टी पंचायत के बालुबारी, गुवाबारी, बच्चा गुवाबारी तथा दोदरा जैसे गांव कनकई नदी के कटाव के चपेट में हैं। अभी पिछले वर्ष हीं बालुबारी गांव के करीब तीन दर्जन परिवार कनकई नदी के तेज कटाव के कारण गांव से विस्थापित हो चुके हैं। वर्षों के मेहनत ...
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