सिद्धार्थ, मार्च 8 -- डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद। कस्बे के बैदौला में चल रहे श्रीमद्भभागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को अयोध्या से आए कथावाचक प्रेममूर्ति संत सर्वेश ने सती चरित्र का वर्णन किया। जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गये। कथावाचक ने कहा कि महिलाओं को अपने पति से विमुख होकर घर छोड़कर कहीं नहीं जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि राजा दक्ष प्रजापति ने भगवान शंकर का अपमान करने के लिए महायज्ञ का आयोजन किया था। जिसमें भगवान शिव को छोड़कर समस्त देवताओं को आमंत्रण भेजा। भगवान शंकर के मना करने के बाद भी सती अपने पिता के यहां जाने की इच्छा जताई तो भगवान शंकर ने बिना बुलाए जाने पर कष्ट का भागी बनने की बात कही। इसके बाद भी सती नहीं मानी और पिता के घर चली गईं।पिता द्वारा भगवान शंकर के अपमान पर सती ने हवन कुंड में कूदकर खुद को अग्नि में समर्पित क...