नई दिल्ली, अक्टूबर 18 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने हिन्दू विवाह अधिनियम में एक बड़ा फेरबदल करते हुए शादी को एक साल होने से पहले ही आपसी सहमति से तलाक लेने को मंजूरी दे दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसे रिश्ते का कोई महत्व नहीं होता, जो कानून के सख्त नियम की वजह से महज कागजों पर बने रहें। जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेणु भटनागर की बेंच ने एक ऐसे दंपती को राहत दी है, जिन्होंने शादी के महज पांच महीने बाद आपसी सहमति से तलाक याचिका दायर की है। बेंच ने कहा कि जहां दो जवान लोगों की जिंदगी का सवाल होता है, वहां एक साल का इंतजार करना सही नहीं। उन्हें नई जिंदगी शुरु करने का मौका दिया जाना समाज व कानून दोनों के हित में है। बेंच ने कहा, पारिवारिक रिश्तों पर कानून की कम से कम एक साल तक साथ रहने की यह बंदिश इसलिए लगाई गई थीं ताकि पति-पत्नी को फिर से जीवन शुरू कर...