कानपुर, अगस्त 10 -- कानपुर। महकमा ए शरिया दारुल कजा (शरई पंचायत विभाग) जाजमऊ और परेड में हुई दो दिवसीय पति-पत्नी प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य अतिथि मुंबई से आए 'फैमिली फर्स्ट गाइडेंस मुंबई' के संस्थापक मुफ्ती अशफाक काजी ने कहा कि निकाह एक सुन्नत और इबादत है। उन्होंने वैवाहिक जीवन में अच्छे व्यवहार, आपसी बातचीत, धैर्य व सहनशीलता और क्षमा करने को सबसे अहम (कुंजी) करार दिया। उन्होंने मेहर (निकाह के समय तय रकम) की अनिवार्य अदायगी, वलीमे (रिसेप्शन) में सादगी और घरेलू रहस्यों को गुप्त रखने पर जोर देते हुए, टीवी सीरियल्स के समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों से भी बचने की जोरदार ताकीद की। लड़के और लड़की, दोनों के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को भी प्रशिक्षण दिया जाए। यहां जमीअत उलमा के महासचिव मौलाना अमीनुल हक़ अब्दुल्लाह कासिमी, मुफ्ती अ...