नई दिल्ली, मार्च 28 -- उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने प्रदेश की पुलिस कार्यप्रणाली में सुधार लाते हुए एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया है। अब पति-पत्नी के वैवाहिक विवाद, घरेलू हिंसा और मानहानि जैसे मामलों में पुलिस सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं करेगी। इसके बजाय, इन मामलों में पीड़ित पक्ष को अदालत में 'परिवाद' (Complaint) दाखिल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह निर्णय इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ द्वारा व्यक्त की गई कड़ी आपत्ति और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS)-2023 के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।सीधे एफआईआर से आरोपी को मिलता था लाभ डीजीपी राजीव कृष्ण ने स्पष्ट किया कि जिन अपराधों में कानून के अनुसार केवल परिवाद के आधार पर ही अदालत संज्ञान ले सकती है, उनमें थानों पर सीधे एफआईआर दर्ज करना क...